Tuesday, August 30, 2011

जब दिल में एक आवाज़ सी आये
कुछ मुस्कुराते कुछ सरसराते
हर दिन एक नया गीत गाये
सचाई से छीप छिपाते

एक लव्ज़ जो जबान पे ना आ पाए
किसी एक छोटे से कोने में गुनगुनाये
उस आवाज़ को फिर दस्तक देके हमने समझाया
फिर वही गीत गाने को हमने उसकाया






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