Dil se
Saturday, October 15, 2011
हर घरी बस एक आवाज़ आई
जो बेवजह दिल में शोर करे
और हर तरफ हम जल जाये
मुश्किलों के बीच उस तरफही मुर जाये
हर दस्तक बस उन परिंदों को याद करे
Tuesday, August 30, 2011
जब दिल में एक आवाज़ सी आये
कुछ मुस्कुराते कुछ सरसराते
हर दिन एक नया गीत गाये
सचाई से छीप छिपाते
एक लव्ज़ जो जबान पे ना आ पाए
किसी एक छोटे से कोने में गुनगुनाये
उस आवाज़ को फिर दस्तक देके हमने समझाया
फिर वही गीत गाने को हमने उसकाया
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